चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब में शनिवार को भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रभाव बना रहा, जिससे कई जिलों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ीं और लोगों को बढ़ते तापमान से अस्थायी राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधि जारी रहेगी, जिसमें शिवालिक की पहाड़ियों से सटे जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि मोहाली, पटियाला, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब, बरनाला, संगरूर और शहीद भगत सिंह नगर में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
चंडीगढ़ और उसके आसपास के इलाकों में रात भर हुई बारिश के कारण सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और आसमान में बादल छाए रहे। कुछ निचले इलाकों से अस्थायी जलभराव की खबरें मिलीं, हालांकि बारिश थमने के बाद सामान्य यातायात काफी हद तक बहाल हो गया।
नदियों के पास अलर्ट और मौसम का मिजाज
अधिकारियों ने निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से नदियों, बरसाती नालों और जल निकासी चैनलों के करीब रहने वाले लोगों को, क्योंकि तेज बारिश के दौरान जल स्तर तेजी से बढ़ सकता है। संवेदनशील स्थानों पर आपदा प्रबंधन टीमों (Disaster management teams) और स्थानीय प्रशासनों को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच, मौसम अधिकारियों ने नोट किया कि हाल की बौछारों ने दिन के तापमान को मौसमी औसत के करीब बनाए रखने में मदद की है। हालांकि, यह राहत कम समय के लिए हो सकती है क्योंकि 12 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है।
मानसून के कमजोर होने का पूर्वानुमान
| समय अवधि | मौसम की स्थिति | उमस का प्रभाव |
| 12 जुलाई के बाद | मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने से पंजाब में व्यापक बारिश में कमी आएगी। अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। | बारिश कम होने से हवा में नमी (humidity) बढ़ेगी, जिससे उमस भरी स्थिति पैदा हो सकती है। |
प्रशासन की अपील: राज्य सरकार ने नागरिकों से आधिकारिक मौसम चेतावनियों पर नजर रखने, उफनते जल निकायों (water bodies) में जाने से बचने और बाढ़, जलभराव या बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को देने की अपील की है। मौजूदा मानसून सीजन के दौरान मौसम से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें स्टैंडबाय पर हैं।
