चंडीगढ (बलविंदर सिंह)- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ और राज्य अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, पंचकुला ने शैक्षणिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके आधिकारिक तौर पर एक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है। इस ऐतिहासिक समझौते का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, ज्ञान के प्रसार को सुगम बनाना और पारस्परिक लाभ के आधार पर छात्रों एवं संकाय सदस्यों (फैकल्टी) को वैश्विक अनुभव के अवसर प्रदान करना है। यह सहयोग अकादमिक और अनुसंधान-संचालित पहलों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है, जिसे इंजीनियरिंग छात्रों को शीर्ष स्तर का अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
आईआईटी रोपड़ के निदेशक, प्रो. राजीव आहूजा,आईआईटी रोपड़ के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष सी. सी. रेड्डी व एसआईईटी पंचकुला के निदेशक-प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार रोज़ की बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
समझौते की मुख्य विशेषताएं
व्यापक छात्र विनिमय कार्यक्रम स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर के छात्रों को अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए मेजबान संस्थान में अध्ययन या शोध करने का अवसर मिलेगा। विनिमय छात्र अपने मूल संस्थान में ही ट्यूशन और अन्य शुल्कों का भुगतान करेंगे और मेजबान संस्थान में उन्हें ट्यूशन फीस से पूरी तरह छूट दी जाएगी। दोनों संस्थानों के बीच आपसी सहमति से प्रति शैक्षणिक वर्ष प्रत्येक शैक्षणिक शाखा से छात्रों का चयन किया जा सकता है।
स्मझौते अनुसार मेजबान संस्थान के रूप में दोनों संस्थान आने वाले विनिमय छात्रों के लिए रियायती आवास की व्यवस्था करने का हर संभव प्रयास करेंगे। मेजबान संस्थान में अर्जित शैक्षणिक क्रेडिट को पाठ्यक्रम मिलान के बाद मूल संस्थान में स्थानांतरित किया जा सकेगा। अनुसंधान करने वाले छात्रों को एक आधिकारिक प्रदर्शन मूल्यांकन और तकनीकी अनुसंधान रिपोर्ट प्रदान की जाएगी। दोनों संस्थान अपने संकाय सदस्यों को सहयोगात्मक शिक्षण और अनुसंधान में शामिल होने के लिए छुट्टियों या विश्राम अवकाश (सबैटिकल लीव) के दौरान अल्पकालिक यात्राओं या निश्चित अवधि के असाइनमेंट के लिए प्रोत्साहित करेंगे। फंडिंग एजेंसियों द्वारा प्रायोजित अनुसंधान, विकास और परामर्श कार्यक्रमों में सहयोग करने के लिए दोनों परिसरों के संकाय सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा। बौद्धिक संपदा अधिकारों का सम्मान करते हुए दोनों संस्थान अध्ययन सामग्री, तकनीकी साहित्य और अनुसंधान संबंधी जानकारी साझा करेंगे।
समझौते के तहत संयुक्त रूप से अल्पकालिक सतत शिक्षा कार्यक्रमों, सेमिनारों, सम्मेलनों या कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण पहल और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में उठाए गए इस ऐतिहासिक कदम के लिए हम हरियाणा सरकार के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव अपूर्व कुमार सिंह, तकनीकी शिक्षा निदेशालय के महानिदेशक प्रभजोत सिंह, तथा एस आ ई ई टी पंचकुला के निदेशक-प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार रोज़ का आभार करते हैं। इनके दूरदर्शी नेतृत्व, निरंतर सहयोग और तकनीकी शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के संकल्प के कारण ही दोनों संस्थानों के बीच यह ऐतिहासिक शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग संभव हो पाया है।
यह साझेदारी न केवल विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी, बल्कि हरियाणा में तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक भी स्थापित करेगी। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक साझेदारी है।
