चण्डीगढ़(बलविंदर सिंह): केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में वीरवार को गुरुग्राम में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में जिले की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि, ग्राम सचिव, जिला परिषद सदस्य, ब्लॉक समिति सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र सरकार के 12 वर्षों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
सम्मलेन को संबोधित करते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, हर घर जल जैसी योजनाओं ने ग्रामीण भारत की तसवीर बदलने का कार्य किया है। आज देश का प्रत्येक वर्ग विकास की इस यात्रा में सहभागी बन रहा है और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि भारत ने खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में लंबा सफर तय किया है। एक समय ऐसा था जब देश को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से गेहूं आयात करना पड़ता था, लेकिन आज भारतीय किसान न केवल देश का पेट भर रहे हैं बल्कि अन्य देशों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए केवल कृषि उत्पादन पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीक, नवाचार और औद्योगिक विकास को भी समान महत्व देना होगा। दुनिया के कई छोटे देश आधुनिक तकनीक और उद्योगों के बल पर विकसित राष्ट्र बने हैं। भारत को भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा।
उद्योग मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू कर निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का आह्वान किया कि वे उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आएं।
राव नरबीर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को विकसित भारत की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना समय की मांग है। उन्होंने लोगों से बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया और कहा कि पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कैबिनेट मंत्री ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथीन के उपयोग को पूरी तरह बंद करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने गांवों को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि यदि समाज और सरकार मिलकर कार्य करें तो गुरुग्राम को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त जिला बनाया जा सकता है।
