पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच के दौरान एक अहम खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों को शक है कि वारदात में इस्तेमाल की गई तुर्किये निर्मित जिगाना पिस्तौल की कीमत करीब 8 लाख रुपये है और इसकी सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जम्मू-कश्मीर तक जुड़ी हो सकती हैं। इसी एंगल को लेकर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह वही अत्याधुनिक हथियार है जिसका नाम पहले भी कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किस चैनल के जरिए अपराधियों तक पहुंचा और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच में जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र से जुड़े कुछ संदिग्ध लिंक सामने आने के बाद विशेष टीमें वहां भेजी गई हैं। एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या गैंगस्टर नेटवर्क अब दूसरे राज्यों के शूटरों और सप्लायरों का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि पुलिस के लिए उनकी पहचान करना मुश्किल हो सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हथियारों की सप्लाई चेन, फंडिंग और गैंगस्टर नेटवर्क के बीच संबंधों की गहन जांच की जा रही है। फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियार भारत में कैसे पहुंचा और किन लोगों के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचाया गया।
सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कई गैंगस्टरों और शूटरों की भूमिका सामने आ चुकी है तथा जांच एजेंसियां अब भी हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
