चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): हफ़्तों की भीषण गर्मी के बाद, पंजाब के मौसम में नाटकीय बदलाव देखने को मिला है। राज्य भर में व्यापक बारिश और तेज़ हवाओं के चलने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जहाँ एक तरफ ठंडे मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से बहुप्रतीक्षित राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ इस तूफ़ान के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है और बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँची है।
मौसम अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में राज्य का अधिकतम तापमान पाँच डिग्री सेल्सियस से अधिक गिर गया है और अब यह मौसमी औसत से काफी नीचे बना हुआ है। फ़रीदकोट में दिन का अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो हाल ही में चल रही लू (हीटवेव) से बड़ी राहत का संकेत है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है। पठानकोट, होशियारपुर, शहीद भगत सिंह नगर, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली सहित कई जिलों में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है।
हाल ही में हुई इस बारिश ने राज्य में वर्षा के आंकड़ों में भी सुधार किया है। पंजाब में इस महीने अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिसमें नवांशहर में इस ताज़ा दौर के दौरान सबसे अधिक वर्षा हुई। कई इलाकों में ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया।
भारी वित्तीय नुकसान और तबाही
हालांकि, इस बदलते मौसम की भारी कीमत भी चुकानी पड़ी है। अलग-अलग मौसम संबंधी घटनाओं में तीन लोगों की जान जाने की खबर है, जबकि राज्य का बिजली वितरण नेटवर्क (पावर ग्रिड) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। तेज़ तूफ़ान के कारण सैकड़ों बिजली के खंभे और सौ से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है और कई क्षेत्रों में अस्थायी रूप से बिजली की आपूर्ति ठप हो गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थितियां एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) और नमी से भरी पूर्वी हवाओं के आपस में मिलने के कारण बनी हैं। उनका अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा, हालांकि हवा की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी और मानसून का पूर्वानुमान
प्रशासन ने निवासियों को बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के दौरान सतर्क रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों के लिए कई जिलों में मौसम का अलर्ट भी जारी किया गया है और अधिकारी स्थिति पर करीब से नज़र रख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वायुमंडलीय पैटर्न (atmospheric pattern) दर्शाता है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा है और जून के अंत तक पंजाब में प्रवेश कर सकता है, जिससे लोगों को आने वाले समय में चिलचिलाती गर्मी से स्थायी राहत मिलेगी।
