जालंधर (गुरप्रीत सिंह): पंजाब से दृढ़ निश्चय और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी सामने आई है — नए क्रिकेटर अर्जुन राजपूत को श्रीलंका दौरे के लिए इंडिया अंडर-19 स्क्वाड में जगह मिल गई है। उनका चयन न केवल परिवार के लिए बल्कि पंजाब के क्रिकेट समुदाय के लिए भी गर्व का क्षण हैं।
राम नगर, जालंधर के रहने वाले अर्जुन ने लगातार अच्छे प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया, जिसमें कूच बिहार ट्रॉफी में केरल के खिलाफ शानदार दोहरे शतक सहित कई प्रदर्शनों शामिल हैं। दबाव में खेलने की उनकी क्षमता और आक्रामक बल्लेबाज़ी ने उन्हें राष्ट्रीय रंग पहनने का सही मौका दिलाया।
यह लेफ्ट-हैंडेड बल्लेबाज़ वर्षों से आयु-समूह क्रिकेट में छाए हुए हैं और उन्होंने अंडर-14 और अंडर-16 स्तर पर पंजाब का प्रतिनिधित्व किया है। कूच बिहार ट्रॉफी एलीट डिवीजन में सौराष्ट्र के खिलाफ उन्होंने 121 रन की शानदार पारी खेली थी, जो उनकी विशिष्ट पारियों में से एक मानी जाती है।
अर्जुन की सफलता के पीछे बलिदान और लचीलापन की कहानी है। उनके पिता होती राम जालंधर के DAV कॉलेज के पास एक साधारण छोले-कुलचे की ठेड़ी चलाते हैं और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेट के सपनों का समर्थन करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहे हैं। परिवार का मानना है कि वर्षों की लगन और मेहनत अब फल दे रही हैं।
अर्जुन ने सात साल की उम्र में कोच विक्रम सिद्धू के मार्गदर्शन में क्रिकेट बैट उठाया था; सिद्धू ने प्रारम्भिक चरण से ही उनकी प्रतिभा को बढ़ावा दिया। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह से प्रेरित अर्जुन का सपना है कि वे खेल के सर्वोच्च स्तर पर खुद को स्थापित करें।
पंजाब का अंडर-19 स्क्वाड में मजबूत प्रतिनिधित्व होगा—श्रीलंका दौरे के लिए कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ है। अर्जुन राजपूत के साथ पटियाला के सागर वीरक, लुधियाना के अनमोलजीत सिंह और रोपड़ के ईशान सूद को भी टीम में शामिल किया गया है।
युवा खिलाड़ियों को बधाई देते हुए पंजाब क्रिकेट संघ के मानद सचिव व संगरूर सांसद गुरमीत सिंह मीट हायर ने उनकी लगन और समर्पण की प्रशंसा की और उम्मीद जताई कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर यादगार प्रदर्शन कर प्रदेश व देश का नाम रोशन करेंगे।
एक सड़क भोजन विक्रेता के पुत्र से भारतीय प्रतिनिधित्व तक अर्जुन की यात्रा यह दिखाती है कि प्रतिभा, अनुशासन और अटूट पारिवारिक समर्थन किस तरह सपनों को हक़ीकत में बदल सकता है।
