कीरतपुर साहिब, पंजाब (बलविंदर सिंह): हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रस्तावित प्रवेश-कर के खिलाफ सोमवार को सांघर्ष कमेटी के सदस्यों ने कीरतपुर साहिब-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह करीब 11 बजे सड़क जाम कर दिया, जिससे दोनों दिशाओं में यातायात ठप हो गया और लंबी-लंबी गाड़ियाँ रुक गईं। अधिकारियों व आयोजकों के मुताबिक यह blockade तीन बजे तक जारी रहा और इससे सैकड़ों निजी वाहन, पर्यटक व वाणिज्यिक वाहन प्रभावित हुए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह धरना सीमाओं पर दूसरे स्थानों पर चल रहे विरोध अभियान का हिस्सा है और उनका मुख्य मांग प्रस्तावित कर को वापस लेना है। सांघर्ष कमेटी के नेता गौरव राणा ने बताया कि कई बार समस्या उठाने के बावजूद प्रशासन की ओर से संतोषजनक पहल नहीं होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। राणा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
कमेटी का तर्क है कि प्रवेश-कर से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही महंगी होगी, परिवहन लागत बढ़ेगी और छोटे कारोबारियों तथा ठेलहोलियों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे शुल्क से पंजाब और हिमाचल के बीच होने वाले व्यापार-व्यवसाय व पर्यटन गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
यात्रियों ने बताया कि मनाली, कुल्लू और बिलासपुर जा रहे पर्यटक और स्थानीय लोग खासे परेशान हुए। कई वाणिज्यिक वाहन घंटों जमे रहे, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं में देरी और लास्ट-माइल डिलीवरी प्रभावित हुई। आयोजकों ने जोर दिया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखा गया और आम जनता से समर्थन की अपील की गई।
पुलिस तथा जिला प्रशासन की ओर से मामले पर फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय व्यापारियों और परिवहन संघों ने भी प्रस्तावित कर के खिलाफ चिंता जताई है और कहा है कि व्यापक विरोध होने की स्थिति में आर्थिक गतिविधियों पर असर दिख सकता है।
किरेदारी अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती बिंदुओं पर भी समान विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। अगर स्थिति में सुधार न हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
